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प्रतिष्ठा तन व मन सघन और स्याह रातों वह बड़ा होने का धमंड करने लगें मुस्करानाकभी न छोड़ बच्चों से वह इन्सान कभी, आदर दें धन को फूंक उन्नत समृद्ध अमीर हम जो चाहे वह हो जाय असंभव महिला नही अबला क्षमा मांग लें बाल मन गीली मिट्टी बाल दिवस केवल बच्चे ही कहलाता

Hindi बाल श्रम वह Quotes